सेबी का स्वतंत्र निदेशकों की क्षमता बढ़ाने पर जोर, कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार की उम्मीद
स्वतंत्र निदेशकों की क्षमता बढ़ाने पर सेबी का फोकस, कॉरपोरेट गवर्नेंस में आएगा सुधार: तुहिन कांत पांडेय
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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) स्वतंत्र निदेशकों की क्षमता निर्माण के लिए एक नई पहल शुरू करेगा, जिससे कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार की उम्मीद है। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि बोर्डों में जानकारी का सही उपयोग और प्रभावी योगदान जरूरी है।
- 01सेबी स्वतंत्र निदेशकों की क्षमता निर्माण के लिए पहल करेगा।
- 02गवर्नेंस में क्रियान्वयन की कमी को दूर करने की आवश्यकता है।
- 03स्वतंत्र निदेशकों को केवल अनुपालन तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
- 04डेटा की समीक्षा के साथ-साथ अंतर्दृष्टि निकालने पर ध्यान देना होगा।
- 05सेबी ने सूचना असमानता को कम करने के लिए सुधार किए हैं।
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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार लाने के लिए स्वतंत्र निदेशकों की क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने CII कॉर्पोरेट गवर्नेंस शिखर सम्मेलन में कहा कि बोर्डों में जानकारी का सही उपयोग और प्रभावी योगदान आवश्यक है। उन्होंने स्वतंत्र निदेशकों से आग्रह किया कि वे केवल अनुपालन तक सीमित न रहें और समाधान खोजने में सक्रिय भूमिका निभाएं। पांडेय ने कहा कि गवर्नेंस में कमी का मुख्य कारण नियमों का सही क्रियान्वयन न होना है। उन्होंने स्वतंत्र निदेशकों को तकनीक का उपयोग करने और डेटा के निहितार्थ को समझने के लिए प्रेरित किया। सेबी ने सूचना असमानता को कम करने के लिए खुलासों को मजबूत किया है, लेकिन प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने के लिए केवल मजबूत आधार होना पर्याप्त नहीं है।
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स्वतंत्र निदेशकों की क्षमता में सुधार से कॉरपोरेट गवर्नेंस में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा।
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