भारतीय छात्रों के लिए स्टूडेंट वीजा के विकल्प: अमेरिका के अलावा पढ़ाई के 5 बेहतरीन देश
स्टूडेंट वीजा देने में अमेरिका की आनाकानी, फिर कहां पढ़ने जाएं भारतीय छात्र? सामने आए इन 5 देशों के नाम
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
अमेरिका में स्टूडेंट वीजा में गिरावट के कारण भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई के नए विकल्प उभर रहे हैं। जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और आयरलैंड जैसे देशों में वीजा प्रक्रिया आसान है और ट्यूशन फीस भी कम है।
- 01अमेरिका में स्टूडेंट वीजा में 60% की गिरावट आई है।
- 02जर्मनी में सरकारी यूनिवर्सिटीज में कोई ट्यूशन फीस नहीं है।
- 03फ्रांस में सरकारी यूनिवर्सिटी में बैचलर्स की फीस 2.6 लाख और मास्टर्स की 3.5 लाख रुपये है।
- 04नीदरलैंड में ट्यूशन फीस 7 से 15 लाख रुपये सालाना है।
- 05UAE में ट्यूशन फीस अमेरिका और ब्रिटेन की तुलना में कम है।
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हाल के महीनों में अमेरिका में स्टूडेंट वीजा की प्रक्रिया में भारी गिरावट आई है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा के नए विकल्पों की खोज आवश्यक हो गई है। 2025 में अमेरिकी स्टूडेंट वीजा में 36% की कमी आई है, और भारतीय छात्रों के लिए वीजा जारी होने की संख्या में 60% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और आयरलैंड जैसे देशों में पढ़ाई के लिए बेहतरीन अवसर उपलब्ध हैं। जर्मनी में सरकारी यूनिवर्सिटीज में कोई ट्यूशन फीस नहीं है और वीजा प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सरल है। फ्रांस में, सरकारी यूनिवर्सिटीज में बैचलर्स और मास्टर्स की पढ़ाई के लिए क्रमशः 2.6 लाख और 3.5 लाख रुपये की फीस है। नीदरलैंड में ट्यूशन फीस 7 लाख से 15 लाख रुपये सालाना है, जबकि UAE में ट्यूशन फीस अमेरिका और ब्रिटेन की तुलना में कम है। आयरलैंड में भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और स्कॉलरशिप की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा के नए अवसरों का खुलना, जिससे वे उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त कर सकें और वीजा प्रक्रिया में कठिनाइयों से बच सकें।
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