विश्व में शांति बनाए रखने की चुनौती और भारत की भूमिका
विचार: विश्व में शांति बनाए रखने की चुनौती
Jagran
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आक्रमण कर विश्व शांति को खतरे में डाला है। लेखक जगमोहन सिंह राजपूत का मानना है कि भारत को शांति स्थापना में अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभानी होगी। वर्तमान में, वैश्विक युवा वर्ग में समानता और शांति के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
- 01डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिका विश्व शांति के लिए खतरा बन गया है।
- 02भारत को शांति स्थापना में अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभानी होगी।
- 03युवाओं में समानता और शांति के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
- 04संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता में कमी आई है।
- 05हिंसा और युद्ध का इतिहास मानवता के लिए विडंबना है।
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जगमोहन सिंह राजपूत के लेख में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की आलोचना की गई है, जो विश्व में शांति को खतरे में डाल रही हैं। ट्रंप ने ईरान पर आक्रमण किया है और इसके परिणामस्वरूप कई देशों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। लेखक का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद अपनी प्रभावशीलता खो चुकी है, जबकि युद्ध और हिंसा का दौर जारी है। उन्होंने भारत की भूमिका पर जोर दिया है, यह कहते हुए कि भारत को शांति स्थापना के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति तैयार करनी होगी। लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में युवा वर्ग में मानवता की समानता और शांति के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, जो कि एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, हिंसा और कट्टरता का बढ़ता हुआ प्रभाव चिंता का विषय है।
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भारत को वैश्विक शांति में अपने योगदान को बढ़ाना होगा, जिससे आम लोगों को युद्ध के प्रभाव से राहत मिल सके।
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