नितीश कुमार की प्रेरणादायक UPSC सफलता की कहानी
UPSC Success Story: चल नहीं पाते थे नितीश कुमार, गोद में उठाकर स्कूल ले जाती थी मां, अब बन गए बड़े अधिकारी
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
नितीश कुमार, जो हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के खटोटी कला गांव के निवासी हैं, ने शारीरिक चुनौतियों के बावजूद UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उनकी मां ने हमेशा उनका साथ दिया, जिससे उन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए 847वीं रैंक हासिल की।
- 01नितीश कुमार ने शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद UPSC में सफलता प्राप्त की।
- 02उनकी मां ने हमेशा उनका समर्थन किया और स्कूल ले जाने में मदद की।
- 03उन्होंने चार असफलताओं के बाद पांचवें प्रयास में 847वीं रैंक हासिल की।
- 04नितीश की सफलता का श्रेय वे अपने परिवार को देते हैं।
- 05हरियाणा के मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मानित किया।
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नितीश कुमार, हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के खटोटी कला गांव के निवासी, ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया। शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी मां ने उन्हें स्कूल ले जाने में मदद की, जिससे उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रही। नितीश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त की और बाद में सरकारी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत की, जिसमें उन्हें पहले चार प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पांचवें प्रयास में 847वीं रैंक हासिल की। नितीश की सफलता की कहानी आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उनकी मां, जो हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं, उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रहीं। नितीश को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सम्मानित किया गया।
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नितीश की कहानी प्रेरणा देती है कि कठिनाइयों के बावजूद लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
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