दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों के लिए किताबों और यूनिफॉर्म पर सख्त निर्देश जारी किए
दिल्ली के निजी स्कूल नहीं कर सकेंगे मनमानी, किताबों और यूनिफॉर्म को लेकर सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश
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दिल्ली सरकार ने राजधानी के निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों और अभिभावकों को किताबें, कॉपी और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए किसी विशेष विक्रेता से मजबूर नहीं कर सकते। अभिभावक अपनी पसंद से सामान खरीद सकते हैं। यह निर्णय दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम के उल्लंघन की शिकायतों के बाद लिया गया है।
- 01दिल्ली के निजी स्कूलों को किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
- 02अभिभावक अपनी मर्जी से किसी भी विक्रेता से शैक्षिक सामग्री खरीद सकते हैं।
- 03शिक्षा विभाग ने शिकायतों के आधार पर यह निर्देश जारी किए हैं।
- 04दिल्ली के सरकारी विद्यालयों को 20 अप्रैल तक पाठ्यपुस्तकें मुहैया कराई जाएंगी।
- 05पुस्तकों की छपाई में लागत में 20 से 30 प्रतिशत की कमी आई है।
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दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि वे छात्रों और अभिभावकों को किताबें, कॉपी और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए किसी विशेष विक्रेता से मजबूर नहीं कर सकते। अभिभावक अपनी मर्जी से किसी भी स्थान से इन वस्तुओं को खरीद सकते हैं। यह निर्णय दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और शिक्षा का अधिकार नियम के उल्लंघन की शिकायतों के बाद लिया गया है। शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं कि विद्यालय अभिभावकों को आवश्यक वस्तुओं की स्पष्ट सूची प्रदान करें और खुले बाजार में खरीदारी के विकल्प उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही, दिल्ली के सरकारी विद्यालयों को 20 अप्रैल तक पाठ्यपुस्तकें मुहैया कराने का आश्वासन दिया गया है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि छपाई प्रक्रिया में देरी के कारण किताबों की आपूर्ति में थोड़ी बाधा आई थी, लेकिन अब गुणवत्ता में सुधार के साथ वितरण शुरू हो चुका है।
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इस निर्णय से अभिभावकों को किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे वे अपने बजट के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे।
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