ताजमहल में आंधी-बारिश के दौरान गिरा पच्चीकारी पत्थर, पर्यटक बाल-बाल बचे
UP: आंधी-बारिश ने जमकर मचाई तबाही, ताजमहल के रॉयल गेट से गिरे पच्चीकारी पत्थर, बाल-बाल बचे पर्यटक
Amar Ujala
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मंगलवार को धूल भरी आंधी और बारिश के दौरान ताजमहल के रॉयल गेट से मुगलकालीन पच्चीकारी के पत्थर गिर गए। पर्यटक सुरक्षित स्थान की तलाश में भागे, जबकि पिछले एक दशक में यहां पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं।
- 01ताजमहल के रॉयल गेट से पच्चीकारी के पत्थर गिरे
- 02पर्यटक सुरक्षित स्थान की तलाश में भागे
- 03पिछले एक दशक में पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं
- 042018 में भी ताजमहल को आंधी से भारी नुकसान हुआ था
- 05रॉयल गेट के रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं
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मंगलवार को आगरा, उत्तर प्रदेश में ताजमहल के रॉयल गेट पर धूल भरी आंधी के साथ बारिश शुरू हुई। इस दौरान मुगलकालीन पच्चीकारी के पत्थर गिरने लगे, जिससे वहां मौजूद पर्यटक सुरक्षित स्थान की तलाश में भाग गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्थर गिरने की आवाज सुनकर पर्यटक दूर हट गए। ताजमहल में रोजाना हजारों सैलानी आते हैं, और इस घटना ने रॉयल गेट के रखरखाव और पत्थरों की मजबूती पर सवाल उठाए हैं। पिछले एक दशक में यहां पत्थर गिरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें सबसे गंभीर घटना 11 अप्रैल 2018 को हुई थी, जब 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी के कारण रॉयल गेट को भारी नुकसान हुआ था।
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इस घटना से ताजमहल की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
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