NASA का आर्टेमिस II मिशन: चांद के चार एस्ट्रोनॉट्स की धरती पर वापसी
NASA Artemis II Splashdown LIVE: बस कुछ देर और... फिर धरती पर होंगे चांद के सितारे, कहां-कैसे कर रहे लैंड?
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NASA का आर्टेमिस II मिशन 11 अप्रैल 2026 को सुबह 5 से 5:37 बजे के बीच प्रशांत महासागर में सैन डिएगो के तट पर स्प्लैशडाउन करेगा। यह मिशन 54 साल बाद इंसानों को चंद्रमा के पास ले जाने वाला पहला क्रू मिशन है, जिसमें चार एस्ट्रोनॉट्स ने 10 दिन की यात्रा की।
- 01आर्टेमिस II मिशन 54 साल बाद इंसानों को चंद्रमा के पास ले जाने वाला पहला क्रू मिशन है।
- 02मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स ने 248,655 मील की यात्रा की, जो एक नया रिकॉर्ड है।
- 03स्प्लैशडाउन प्रशांत महासागर में सैन डिएगो के तट पर होगा।
- 04मिशन ने चंद्रमा के पास से गुजरने के साथ-साथ गहरे अंतरिक्ष में मानवता की वापसी का प्रतीक है।
- 05यह NASA के चंद्रमा पर लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी स्थापित करने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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NASA का आर्टेमिस II मिशन 11 अप्रैल 2026 को सुबह 5 से 5:37 बजे के बीच प्रशांत महासागर में सैन डिएगो के तट पर स्प्लैशडाउन करेगा। यह मिशन 54 साल बाद इंसानों को चंद्रमा के पास ले जाने वाला पहला क्रू मिशन है। इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स, रीड वाइसमैन (कमांडर), विक्टर ग्लोवर (पायलट), क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट) और जेरेमी हैनसेन (कनाडाई स्पेस एजेंसी के मिशन स्पेशलिस्ट) शामिल हैं। उन्होंने 10 दिन की यात्रा के दौरान चंद्रमा के चारों ओर घूमते हुए 248,655 मील की यात्रा की, जो एक नया रिकॉर्ड है। यह मिशन गहरे अंतरिक्ष में मानवता की वापसी का प्रतीक है और NASA के चंद्रमा पर लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी स्थापित करने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर मानव अभियानों के लिए रास्ता तैयार करेगा और अंतरिक्ष अन्वेषण में नई संभावनाओं को खोलता है।
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