भारत में एलपीजी आयात में 40% गिरावट, अमेरिका बना प्रमुख सप्लायर
होर्मुज संकट में अमेरिका बना सबसे बड़ा LPG सप्लायर, ईरान ने भी भेजा टैंकर, फिर भी 40% की कमी
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत के एलपीजी आयात में मार्च में 40% से अधिक की गिरावट आई है, जो जनवरी और फरवरी की तुलना में सबसे अधिक है। अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा एलपीजी सप्लायर बन गया है, जबकि ईरान से भी सप्लाई हुई है। सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं।
- 01मार्च में भारत का कुल एलपीजी आयात घटकर 1.22 मिलियन टन रह गया है।
- 02अमेरिका से आयात में 56% की वृद्धि हुई है, जिससे वह सबसे बड़ा सप्लायर बना।
- 03ईरान से 7 साल बाद 43,000 टन एलपीजी की खेप आई है।
- 04यूएई से आयात 28% तक गिर गया है।
- 05सरकार ने घरेलू उत्पादन में 40% की वृद्धि की है।
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पश्चिम एशिया में संकट के कारण भारत के लिए एलपीजी आयात में 40% से अधिक की गिरावट आई है। मार्च में भारत का कुल एलपीजी आयात 1.22 मिलियन टन रह गया, जो जनवरी की तुलना में 46% और फरवरी की तुलना में 40% कम है। इस कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा एलपीजी सप्लायर बन गया है, जहां से 4.20 लाख टन गैस आई है, जो जनवरी के मुकाबले 56% अधिक है। ईरान से भी 43,000 टन एलपीजी की खेप भारत पहुंची है, जो करीब 7 साल बाद हुई है। दूसरी ओर, यूएई, कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे प्रमुख सप्लायरों से सप्लाई में भारी गिरावट आई है। सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें रिफाइनरियों को हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को एलपीजी प्रोडक्शन की ओर मोड़ने का निर्देश शामिल है।
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इस कमी के कारण घरेलू एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को एलपीजी की कीमतों में वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है।
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