राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय का ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट पहल
चार साल तक पौधा रहा सुरक्षित तभी मिलेगा ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की पहल
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राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर ने छात्रों के लिए ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट योजना शुरू की है। छात्रों को एक पौधा लगाना और उसकी देखभाल करनी होगी। यदि पौधा जीवित रहा, तभी उन्हें यह सर्टिफिकेट मिलेगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए है।
- 01छात्रों को एक पौधा लगाना और उसकी देखभाल करनी होगी।
- 02पौधा सूखने पर दूसरा पौधा लगाना अनिवार्य है।
- 03ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट तभी मिलेगा जब पौधा जीवित रहे।
- 04इस योजना का उद्देश्य पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है।
- 05विशेष समिति पौधों की देखभाल की निगरानी करेगी।
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राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर ने छात्रों के लिए एक अभिनव ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को एक पौधा लगाना होगा और उसकी देखभाल करनी होगी। यदि उनका पौधा सूख जाता है, तो उन्हें परिसर में दूसरा नया पौधा लगाना होगा। केवल तब, जब उनका पौधा जीवित और स्वस्थ होगा, उन्हें ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यह पहल छात्रों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत कृषि के प्रति संवेदनशीलता पैदा करने के उद्देश्य से की गई है। विश्वविद्यालय के डीन डा. मृदुला बिल्लौरे ने बताया कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शनिवार का दिन पौधों की देखभाल के लिए सुरक्षित रखा गया है। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।
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यह पहल छात्रों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देगी और उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाएगी।
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