इंडक्शन स्टोव के बढ़ते उपयोग से बिजली की मांग में वृद्धि
गैस की किल्लत ने बढ़ाई बिजली की मांग, इंडक्शन स्टोव से बढ़ेगा पावर लोड
Jagran
Image: Jagran
पश्चिम एशिया में विवाद के कारण एलपीजी की किल्लत ने भारत में इंडक्शन स्टोव के उपयोग को बढ़ावा दिया है। इससे 27,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता हो सकती है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 22,300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन की योजना बनाई है।
- 01एलपीजी की किल्लत के कारण इंडक्शन स्टोव का उपयोग बढ़ा है।
- 0227,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता का अनुमान।
- 03सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 22,300 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना बनाई है।
- 04बिजली की अधिकतम मांग 2.71 लाख मेगावाट तक पहुंचने की संभावना।
- 05एलपीजी की आपूर्ति में कमी के कारण लोग बिजली चालित चूल्हों की ओर बढ़ रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
पश्चिम एशिया में चल रहे विवाद के कारण भारत में एलपीजी की गंभीर किल्लत हो गई है, जिससे लोग इंडक्शन स्टोव का उपयोग बढ़ा रहे हैं। इस बदलाव के परिणामस्वरूप, सरकार को 27,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता का सामना करना पड़ सकता है। बिजली मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून, 2026) में 22,300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन करने की योजना बनाई है, जिसमें 10,000 मेगावाट सौर ऊर्जा, 3,500 मेगावाट ताप बिजली, और 2,500 मेगावाट पवन ऊर्जा शामिल है। इस वर्ष बिजली की अधिकतम मांग 2.71 लाख मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि पिछले वर्ष यह 2.51 लाख मेगावाट थी। एलपीजी की कमी के कारण औद्योगिक क्षेत्र को भी प्रभावित किया गया है, जिससे घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति कम हो गई है।
Advertisement
In-Article Ad
इंडक्शन स्टोव के बढ़ते उपयोग से बिजली की मांग में वृद्धि हो रही है, जिससे घरेलू उपयोगकर्ताओं को बिजली की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को कदम उठाने पड़ रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि इंडक्शन स्टोव का उपयोग बढ़ाना सही है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


