भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम: कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की सफलता
NDTV EXCLUSIVE: न्यूक्लियर पावर में भारत की ऊंची छलांग, ये ऐतिहासिक कामयाबी बनेगी गेमचेंजर
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भारत के तमिलनाडु राज्य के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने लगातार न्यूक्लियर फिशन हासिल किया है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह स्वदेशी तकनीक से निर्मित रिएक्टर भारत को परमाणु ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में मदद करेगा।
- 01कलपक्कम में PFBR ने लगातार न्यूक्लियर फिशन हासिल किया।
- 02यह रिएक्टर पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से बनाया गया है।
- 03भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जिनके पास फास्ट ब्रीडर रिएक्टर हैं।
- 04इस रिएक्टर की तकनीक परमाणु ऊर्जा को अधिक टिकाऊ और किफायती बना सकती है।
- 05यह उपलब्धि भारत के न्यूक्लियर प्रोग्राम के दूसरे और तीसरे चरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार हो गया है जब कलपक्कम, तमिलनाडु में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने लगातार न्यूक्लियर फिशन हासिल किया। यह उपलब्धि लगभग 20 वर्षों की मेहनत का परिणाम है और इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक गेमचेंजर माना जा रहा है। इस रिएक्टर को पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से बनाया गया है, जिसमें भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने डिजाइन से लेकर निर्माण तक की जिम्मेदारी निभाई। PFBR की विशेषता यह है कि यह जितना ईंधन उपयोग करता है, उससे अधिक ईंधन उत्पन्न कर सकता है, जिससे भविष्य में परमाणु ऊर्जा अधिक टिकाऊ और किफायती बन सकती है। इस सफलता के साथ, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास इस प्रकार का रिएक्टर है, जिसमें केवल रूस ही एक अन्य देश है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत के तीन चरणों वाले न्यूक्लियर प्रोग्राम के दूसरे और तीसरे चरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश को लंबे समय तक साफ और स्थिर ऊर्जा प्रदान करेगा।
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यह उपलब्धि भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी और देश को स्थायी ऊर्जा स्रोतों की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगी।
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