UPI भुगतान में दो-स्तरीय प्रमाणीकरण अनिवार्य, जानें नए नियम
अब सिर्फ UPI पिन डालने से नहीं होगा भुगतान, करना होगा ये काम; क्या है ऑनलाइन पेमेंट का नया फोर्मेट?
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भारत में ऑनलाइन भुगतान के लिए अब दो-स्तरीय प्रमाणीकरण अनिवार्य हो गया है। इससे यूपीआई पिन के साथ-साथ ओटीपी, अंगुली के निशान या चेहरे का सत्यापन भी आवश्यक होगा, जिससे धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी।
- 01डिजिटल भुगतान में धोखाधड़ी रोकने के लिए दो-स्तरीय प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है।
- 02यूपीआई पिन के साथ ओटीपी या बायोमेट्रिक सत्यापन आवश्यक होगा।
- 03बैंकिंग एप में स्क्रीनशॉट और स्क्रीन रिकॉर्डिंग की सुविधा प्रतिबंधित की गई है।
- 04मार्च में यूपीआई से 29.53 लाख करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन हुए।
- 05इस बदलाव से डिजिटल लेनदेन में कुछ सेकंड की देरी हो सकती है।
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भारत में ऑनलाइन भुगतान के लिए नए नियमों के तहत, अब सभी डिजिटल लेनदेन के लिए दो-स्तरीय प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यह कदम धोखाधड़ी को रोकने के लिए उठाया है। इसके अंतर्गत, केवल यूपीआई पिन डालने से भुगतान पूरा नहीं होगा; उपयोगकर्ताओं को वनटाइम पासवर्ड (ओटीपी), अंगुली के निशान या चेहरे का सत्यापन भी करना होगा। इस व्यवस्था के तहत, बैंकिंग एप में स्क्रीनशॉट लेने और स्क्रीन रिकॉर्डिंग की सुविधा भी सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रिया डिजिटल लेनदेन में कुछ सेकंड की देरी कर सकती है, लेकिन इससे सुरक्षा और भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। मार्च में यूपीआई के माध्यम से 29.53 लाख करोड़ रुपये मूल्य के डिजिटल भुगतान हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
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नए नियमों से उपभोक्ताओं को डिजिटल भुगतान में अधिक सुरक्षा मिलेगी, जिससे धोखाधड़ी की घटनाएं कम होंगी।
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