भागलपुर में महिलाओं के लिए बकरी पालन बना आत्मनिर्भरता का साधन
भागलपुर में महिलाओं का ATM बना बकरी पालन, आत्मनिर्भरता की बन गई है नई राह
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भागलपुर, बिहार की 5.11 लाख महिलाओं ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बकरी पालन को अपनाया है। लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं ने इस व्यवसाय को चुना है, जिससे उन्हें आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मविश्वास मिला है। बकरी पालन अब ग्रामीण महिलाओं के लिए एक स्थायी आय का स्रोत बन गया है।
- 01मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला है।
- 025.11 लाख महिलाओं में से 60 प्रतिशत ने बकरी पालन को चुना है।
- 03बकरी पालन को एटीएम के समान माना जा रहा है, जिससे तत्काल नकदी प्राप्त की जा सकती है।
- 04महिलाओं को बकरी डॉक्टर के रूप में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
- 05यह पहल महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही है।
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भागलपुर, बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित किया है। जिले की 5.11 लाख महिलाओं में से 60 प्रतिशत ने बकरी पालन को चुना है, जो उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। बकरी पालन को अब एटीएम के समान माना जा रहा है, क्योंकि महिलाएं इसे तत्काल नकदी के लिए उपयोग कर रही हैं। इस पहल के तहत, जिला प्रशासन और जीविका ने 110 महिलाओं को बकरी डॉक्टर के रूप में विशेष प्रशिक्षण दिया है, जिससे वे गांव स्तर पर टीकाकरण और प्राथमिक उपचार जैसी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। बकरी पालन न केवल महिलाओं की आय बढ़ा रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रहा है। यह पहल आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत आधार बनेगी।
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बकरी पालन से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनके परिवार की आय में वृद्धि हो रही है।
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