सुप्रीम कोर्ट में बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए टली
सुप्रीम कोर्ट में टली बांके बिहारी मंदिर मैनेजमेंट मामले की सुनवाई, दो हफ्ते बाद का समय
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा के बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन मामले की सुनवाई को दो हफ्ते के लिए टाल दिया है। सेवायतों द्वारा दायर याचिका में मंदिर की परंपराओं के खिलाफ लिए गए कुछ निर्णयों पर आपत्ति जताई गई है। कोर्ट ने मौजूदा व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं करने का संकेत दिया है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाली।
- 02सेवायतों ने प्रबंधन कमेटी के निर्णयों पर आपत्ति जताई है।
- 03कोर्ट ने मौजूदा व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं करने का संकेत दिया।
- 04याचिका में मंदिर की परंपराओं को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।
- 05पिछली सुनवाई में कुछ प्रावधानों पर रोक लगाई गई थी।
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मथुरा के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को दो हफ्ते के लिए टाल दिया है। वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने समय मांगा, जिससे सुनवाई आगे बढ़ गई। सेवायतों ने प्रबंधन कमेटी के कुछ निर्णयों, जैसे दर्शन का समय बढ़ाना और देहरी पूजा को रोकना, पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ये निर्णय मंदिर की पुरानी परंपराओं के खिलाफ हैं। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी भी बड़े या संरचनात्मक बदलाव का पक्ष नहीं लिया जाएगा। पिछली सुनवाई में, कोर्ट ने उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट ऑर्डिनेंस, 2025 के कुछ प्रावधानों पर रोक लगाई थी और एक हाई पावर्ड कमेटी का गठन किया था जो मंदिर के कामकाज की निगरानी कर रही है।
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इस मामले का परिणाम मंदिर की धार्मिक व्यवस्था और सेवायतों की भूमिका पर प्रभाव डाल सकता है।
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