खरीफ सीजन में उर्वरक की कमी नहीं होगी: महराजगंज में सत्यापन प्रक्रिया शुरू
Maharajganj News: खरीफ सीजन में उर्वरक की नहीं होगी किल्लत, बिक्री का किया जाएगा सत्यापन
Amar Ujala
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महराजगंज, उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन के लिए उर्वरक की कमी को रोकने के लिए कृषि विभाग ने नए नियम लागू किए हैं। हर महीने 20 किसानों का उर्वरक खरीद का सत्यापन किया जाएगा, ताकि तस्करी और कालाबाजारी रोकी जा सके।
- 01खरीफ सीजन में उर्वरक की कमी को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया शुरू की गई है।
- 02प्रति माह 20 किसानों का उर्वरक खरीद का सत्यापन किया जाएगा।
- 03सीमा क्षेत्र में खाद बिक्री के लिए लाइसेंस नहीं जारी किया जाएगा।
- 04किसानों को एक हेक्टेयर जोत के लिए 5 बोरी डीएपी और 7 बोरी यूरिया खरीदने की अनुमति होगी।
- 05कृषि विभाग ने तस्करी और कालाबाजारी को रोकने के लिए विशेष टीम गठित की है।
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महराजगंज, उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन के लिए उर्वरक की कमी को रोकने के लिए कृषि विभाग ने नए नियम लागू किए हैं। शासन के आदेश के अनुसार, हर महीने 20 किसानों का उर्वरक खरीद का सत्यापन किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसान ने कृषि कार्य के लिए उर्वरक खरीदा है। पिछले खरीफ सीजन में उर्वरक की कमी के कारण किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इस बार स्थिति को संभालने के लिए कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने सीमा से सटे जनपदों का दौरा किया। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनपद में 16,989 एमटी यूरिया और 8,555 एमटी डीएपी उपलब्ध है। सत्यापन प्रक्रिया के तहत, सीमा क्षेत्र में खाद बिक्री के लिए लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य तस्करी और कालाबाजारी को रोकना है।
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किसानों को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने से उनकी फसल उत्पादन में वृद्धि हो सकती है।
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