सुप्रीम कोर्ट की अनोखी सलाह: तलाक के लिए पति को 15 हजार रुपये देने की सलाह
15 हजार पत्नी को देते रहिए और खुश रहिए... सुप्रीम कोर्ट ने तलाक मांग रहे पति को दी सलाह
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54 वर्षीय एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की, लेकिन अदालत ने सलाह दी कि वह अपनी पत्नी को हर महीने 15 हजार रुपये देते रहें और खुश रहें। कोर्ट ने कहा कि अगर वह तलाक चाहते हैं, तो स्थायी गुजारा भत्ता देने का प्रस्ताव देना होगा।
- 0154 वर्षीय व्यक्ति ने 16 साल से अलग रह रही पत्नी से तलाक की याचिका दायर की।
- 02सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुजारा भत्ता देना कोई बड़ी बात नहीं है।
- 03अदालत ने स्थायी गुजारा भत्ते का प्रस्ताव देने का सुझाव दिया।
- 04अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की गई है।
- 05पत्नी ने पति के साथ रहने की इच्छा जताई।
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54 वर्षीय एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी पत्नी से तलाक की याचिका दायर की, जो कि पिछले 16 साल से अलग रह रहे थे। उन्होंने अदालत में कहा कि वह हर महीने अपनी पत्नी को 15 हजार रुपये गुजारा भत्ता देते हैं, जो उनकी कमाई के मुकाबले बहुत अधिक है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि वह गुजारा भत्ता नहीं दे सकते तो पत्नी को अपने साथ क्यों नहीं रखते। कोर्ट ने सलाह दी कि आजकल 15 हजार रुपये कोई बड़ी रकम नहीं है और यदि वह स्थायी गुजारा भत्ता देने का प्रस्ताव देते हैं, तो वे तलाक की याचिका पर विचार कर सकते हैं। अदालत ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को स्थायी गुजारा भत्ते पर विचार करने का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित की।
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इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि अदालतें पारिवारिक मामलों में समझौते के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, जो कि अन्य दंपतियों के लिए भी एक उदाहरण हो सकता है।
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