पंचकूला जिला परिषद में 1.88 करोड़ रुपये का घोटाला: फर्जी फर्मों से निकाला गया सरकारी धन
पंचकूला जिला परिषद में घोटाला: फर्जी फर्मों से निकाला सरकारी पैसा, बिना काम भुगतान, 1.88 करोड़ की गड़बड़ी
Amar Ujala
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पंचकूला जिला परिषद में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1.88 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें फर्जी फर्मों के माध्यम से बिना काम किए सरकारी धन का गबन किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, और जांच में फर्जी बिलों और दस्तावेजों का खुलासा हुआ है।
- 01पंचकूला जिला परिषद में 1.88 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है।
- 02फर्जी कंपनियों के माध्यम से बिना काम किए सरकारी धन का गबन किया गया।
- 03जांच में 100 से अधिक पेज की व्हाट्सएप चैट और 29 पेज के दस्तावेज मिले हैं।
- 04चार ब्लॉक समन्वयकों को 25-25 लाख रुपये नकद दिए गए।
- 05पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पंचकूला, हरियाणा में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि फर्जी फर्मों के माध्यम से बिना किसी धरातलीय कार्य के सरकारी धन का गबन किया गया। मुख्य आरोपी के अनुसार, करीब 1 करोड़ 88 लाख रुपये की राशि फर्जी बिलों के जरिए निकाली गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया है। जांच में 100 से अधिक पेज की व्हाट्सएप चैट और 29 पेज के दस्तावेज मिले हैं, जो इस घोटाले की गंभीरता को दर्शाते हैं। आरोपियों ने फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए बैंक से भुगतान स्वीकृत कराया और नकद लेन-देन की बात भी स्वीकार की। चार ब्लॉक समन्वयकों को 25-25 लाख रुपये नकद दिए गए, और कुछ रकम अन्य अधिकारियों तक भी पहुंचाई गई। पुलिस ने गगनदीप गोयल (कंप्यूटर ऑपरेटर) और दिनेश कुमार (स्वच्छ भारत मिशन इंचार्ज) सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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यह घोटाला पंचकूला जिला परिषद के विकास कार्यों में बाधा डाल सकता है और स्थानीय निवासियों के लिए सरकारी धन की उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है।
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