राजस्थान में फेल एंटीबायोटिक दवा से स्वास्थ्य प्रणाली पर सवाल
Health News: फेल एंटीबायोटिक से हड़कंप; 60 दिन की देरी में बाजार में बिक गई दवा, सिस्टम पर सवाल
Amar Ujala
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राजस्थान के भरतपुर में एक एंटीबायोटिक दवा का सैंपल जांच में फेल होने के बाद, ड्रग विभाग ने राज्यभर में छापेमारी की। 60 दिन की देरी से रिपोर्ट आने के कारण संदिग्ध दवाएं पहले ही बाजार में बिक चुकी थीं, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
- 01भरतपुर में एंटीबायोटिक दवा का सैंपल जांच में फेल हुआ।
- 02दवा की रिपोर्ट 60 दिन की देरी से आई, जिससे दवाएं पहले ही बिक चुकी थीं।
- 03ड्रग विभाग ने जयपुर, जालोर और भरतपुर में छापेमारी की।
- 04फेल दवा का नाम क्यूसी पॉट-200 है, जो सेफपोडोक्साइम प्रॉक्सेटिल है।
- 05दवा बनाने वाली कंपनी 500 से अधिक प्रकार की दवाएं बनाती है।
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राजस्थान के भरतपुर में एक एंटीबायोटिक दवा का सैंपल जांच में फेल होने के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में छापेमारी की। रिपोर्ट आने में 60 दिन की देरी के कारण संदिग्ध बैच की दवाएं पहले ही बाजार में बिक चुकी थीं। इस मामले ने दवा की गुणवत्ता और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फेल दवा का नाम क्यूसी पॉट-200 है, जो सेफपोडोक्साइम प्रॉक्सेटिल है। ड्रग विभाग ने जयपुर, जालोर और भरतपुर में छापेमारी कर 4 लाख रुपए की दवाएं जब्त कीं और नए सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। इस घटना ने दवा निगरानी तंत्र की कमजोरी को उजागर किया है, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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इस घटना से मरीजों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है, जिससे उन्हें संभावित रूप से असुरक्षित दवाओं का सेवन करना पड़ सकता है।
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