सोनीपत: बायोमीट्रिक सत्यापन के खिलाफ आढ़तियों की हड़ताल जारी
Sonipat News: बायोमीट्रिक के विरोध में हड़ताल, किसानों पर पड़ी दोहरी मार
Amar Ujala
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सोनीपत के गोहाना में बायोमीट्रिक सत्यापन के खिलाफ आढ़तियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे अनाज मंडी में खरीद पूरी तरह ठप हो गई। किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाई हो रही है, खासकर उन किसानों के लिए जिनकी जमीन महिला सदस्यों के नाम पर है।
- 01बायोमीट्रिक सत्यापन के नए नियमों के खिलाफ हड़ताल जारी है।
- 02हड़ताल के कारण गोहाना अनाज मंडी में खरीद पूरी तरह ठप हो गई है।
- 03महिला सदस्यों के नाम पर जमीन होने से किसानों को अधिक परेशानी हो रही है।
- 04आढ़तियों का कहना है कि नए नियम जमीनी हकीकत से परे हैं।
- 05सरकार से मांग की गई है कि नियमों में व्यावहारिक संशोधन किया जाए।
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सोनीपत के गोहाना अनाज मंडी में बायोमीट्रिक सत्यापन के खिलाफ आढ़तियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला, जहां पूरे दिन खरीद नहीं हुई और किसान अपनी उपज लेकर मंडी नहीं पहुंचे। आढ़तियों और किसानों का कहना है कि बायोमीट्रिक व्यवस्था ने अनाज बेचने की प्रक्रिया को जटिल बना दिया है, विशेषकर उन किसानों के लिए जिनकी जमीन महिला सदस्यों के नाम पर है। ऐसे मामलों में महिला का बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे बुजुर्ग महिलाओं को मंडी लाना कठिन हो रहा है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम लाल वशिष्ठ ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नए नियम जमीनी हकीकत से परे हैं। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों के पास ट्रैक्टर नहीं हैं, फिर भी उन पर ट्रैक्टर नंबर प्लेट अनिवार्य करने जैसे प्रावधान थोप दिए गए हैं। हड़ताल के चलते किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, और आढ़तियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनके मांगों पर विचार नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाई हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
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