बंगाल में मतदाता सूची से नाम कटने पर अपील प्रक्रिया में अव्यवस्था
SIR में मतदाता सूची से नाम कटने पर अपील को लेकर लोग परेशान, 'बाबू' चुनावी ड्यूटी में व्यस्त
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बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हजारों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। कोलकाता और अन्य जिलों में अपील प्रक्रिया में अव्यवस्था के कारण लोग परेशान हैं, क्योंकि सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों की अनुपलब्धता और छुट्टियों के कारण अपील करने में कठिनाई हो रही है।
- 01विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत हजारों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
- 02अपील प्रक्रिया में अव्यवस्था के कारण मतदाता सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
- 03अधिकारी चुनावी कार्यों में व्यस्त हैं, जिससे अपील स्वीकार नहीं की जा रही।
- 04ऑनलाइन अपील की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन कई लोग तकनीकी कारणों से असमर्थ हैं।
- 05मतदाताओं ने चुनाव आयोग से नियमित रूप से ऑफलाइन अपील केंद्रों को चालू रखने की मांग की है।
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बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत हजारों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इससे प्रभावित मतदाता अपनी अपील दायर करने के लिए सरकारी दफ्तरों का दौरा कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की अनुपलब्धता और चुनावी कार्यों में व्यस्तता के कारण उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है। कोलकाता के जेसप और सर्वे बिल्डिंग से लेकर हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा मुर्शिदाबाद तक की स्थिति समान है। कई मतदाता अपील दाखिल करने की समय सीमा के बारे में चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें कहा गया है कि ऑफलाइन फार्म लेने के लिए कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं है। कुछ मतदाता ऑनलाइन अपील करने में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। इस स्थिति ने चुनावी प्रक्रिया की सुगमता पर सवाल उठाए हैं, और मतदाता चुनाव आयोग से अपील केंद्रों को नियमित रूप से चालू रखने की मांग कर रहे हैं ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे।
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यदि मतदाता समय सीमा के भीतर अपील नहीं कर पाते हैं, तो उनके मताधिकार पर स्थाई प्रभाव पड़ सकता है।
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