कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश, वीडियो में दिखे shocking सबूत
8वीं पास ड्राइवर बना ‘डॉक्टर’, नोटों में खेलता अफजल, तीन वीडियो ने खोली किडनी रैकेट की पोल
Aaj Tak
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कानपुर, उत्तर प्रदेश में एक अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें तीन वीडियो ने मुख्य आरोपियों की भूमिका उजागर की है। एक 8वीं पास ड्राइवर को डॉक्टर की तरह पेश होते हुए देखा गया है, जबकि एक पीड़ित ने 43 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है।
- 01कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा
- 02तीन वीडियो ने रैकेट के मुख्य किरदारों की भूमिका उजागर की
- 038वीं पास ड्राइवर शिवम अग्रवाल ने खुद को डॉक्टर बताया
- 04एक पीड़ित ने 43 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया
- 05जांच एजेंसियां कई राज्यों और देशों में छापेमारी कर रही हैं
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कानपुर, उत्तर प्रदेश में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की जांच में तीन वीडियो सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। पहले वीडियो में मेरठ के आरोपी अफजल को बड़ी मात्रा में नकदी के बीच दिखाया गया है, जो अवैध कमाई के संकेत देता है। दूसरे वीडियो में शिवम अग्रवाल, जो केवल 8वीं पास है, एक विदेशी महिला मरीज का चेकअप करता हुआ दिखाई देता है। यह गंभीर लापरवाही है क्योंकि वह प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं है। तीसरे वीडियो में एक पीड़ित ने बताया कि उसने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 43 लाख रुपये दिए थे, लेकिन उसे न तो समय पर ऑपरेशन मिला और न ही सही इलाज। जांच में यह भी सामने आया है कि यह रैकेट केवल कानपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई राज्यों और नेपाल तक फैले हुए हैं। पुलिस ने कई शहरों में छापेमारी की है और संदिग्ध अस्पतालों की भूमिका की जांच कर रही है।
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यह रैकेट मरीजों के जीवन को खतरे में डालता है और अवैध चिकित्सा प्रथाओं का संकेत देता है।
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