आधार कार्ड के डीएक्टिवेशन की प्रक्रिया: UIDAI ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
Aadhaar Deactivate: निधन के बाद व्यक्ति के आधार को ना छोड़ें लावारिस, सरकार ने बताया- डिएक्टिवेट कराने से क्या होगा, समझें तरीका
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
UIDAI ने आधार कार्ड के डीएक्टिवेशन की प्रक्रिया को लेकर जागरूकता फैलाई है। मृत व्यक्ति के आधार कार्ड को डीएक्टिवेट करना जरूरी है ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो सके। यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल है और माई आधार पोर्टल पर की जा सकती है।
- 01UIDAI ने मृत व्यक्ति के आधार कार्ड को डीएक्टिवेट करने की प्रक्रिया साझा की है।
- 02गलत हाथों में आधार कार्ड पड़ने से वित्तीय नुकसान हो सकता है।
- 03डीएक्टिवेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल है।
- 04माई आधार पोर्टल पर लॉग इन करके रिपोर्ट करनी होगी।
- 05मृत्यु प्रमाण पत्र के राज्य की जानकारी भी देनी होगी।
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UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने आधार कार्ड के डीएक्टिवेशन की प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। अक्सर, जब किसी बुजुर्ग की मृत्यु होती है, तो उनके परिवार के सदस्य उनके आधार कार्ड को डीएक्टिवेट करना भूल जाते हैं, जिससे आधार का गलत इस्तेमाल हो सकता है। UIDAI ने इस खतरे को ध्यान में रखते हुए लोगों को जागरूक किया है कि उन्हें मृत व्यक्ति के आधार कार्ड को डीएक्टिवेट करना चाहिए। यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल है और इसके लिए किसी भी प्रकार के कागजात की आवश्यकता नहीं होती। इसके लिए, परिवार के सदस्य को माई आधार पोर्टल (myaadhaar.uidai.gov.in) पर जाकर लॉग इन करना होगा। वहां 'Report Death of a Family Member' विकल्प पर क्लिक करके आवश्यक जानकारी भरनी होगी, जिसमें मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले राज्य की जानकारी भी शामिल है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद, आधार कार्ड को डीएक्टिवेट किया जा सकेगा, जिससे उसके गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा।
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यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि मृत व्यक्ति के आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल न हो, जिससे परिवार को वित्तीय सुरक्षा मिलती है।
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