उत्तर प्रदेश में जाली नोटों के गिरोह का मुख्य सरगना लखनऊ में पाया गया
UP: नेपाल में भी 500-100 रुपये के जाली नोट खपाने की आशंका, मुख्य सरगना विवेक की यहां मिली लोकेशन; टीम रवाना
Amar Ujala
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का निवासी विवेक यादव, जो जाली नोटों के गिरोह का मुख्य सरगना है, लखनऊ में आखिरी बार ट्रेस किया गया है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए लखनऊ भेजी टीम और नेपाल में उसके संभावित ठिकाने की जांच शुरू की है।
- 01मुख्य सरगना विवेक यादव की आखिरी लोकेशन लखनऊ में मिली है।
- 02पुलिस ने विवेक के परिजनों और करीबियों से पूछताछ शुरू की है।
- 03गिरोह ने 100 रुपये के जाली नोटों को बाजार में खपाने का काम किया है।
- 04विवेक यादव नेपाल में भी छिपा हो सकता है, जहां वह कई बार जा चुका है।
- 05पुलिस का मानना है कि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है।
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र का निवासी विवेक यादव, जो जाली नोटों के गिरोह का मुख्य सरगना है, लखनऊ में आखिरी बार ट्रेस किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम लखनऊ भेजी गई है। विवेक का मोबाइल फोन बंद है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए उसके परिजनों और करीबियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को यह भी संदेह है कि विवेक ने नेपाल में भी अपना ठिकाना बना रखा है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वह चार से पांच बार नेपाल जा चुका है। गिरोह के अन्य सदस्य भी नेपाल की यात्रा कर चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरोह ने 100 रुपये के जाली नोट बड़ी मात्रा में बाजार में खपाए हैं, जिससे शक से बचा जा सके। इस मामले में पुलिस ने कई जिलों की पुलिस से संपर्क साधा है और जल्द ही गिरोह के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया है।
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जाली नोटों के इस गिरोह की सक्रियता से स्थानीय बाजार में नकली मुद्रा का प्रसार हो सकता है, जिससे व्यापारियों और उपभोक्ताओं को नुकसान हो सकता है।
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