लश्कर-ए-तैयबा ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की, ईरान-अमेरिका वार्ता पर टिप्पणी
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ने फिर माना पहलगाम हमले में अपना हाथ, ईरान-अमेरिका बातचीत पर भी दिया बयान
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लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कमांडर अबू मूसा कश्मीरी ने पहलगाम हमले में अपनी भूमिका स्वीकार की है। उसने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को पाकिस्तान की मध्यस्थता से जोड़ा, यह बताते हुए कि यह घटना इस्लामाबाद में शांति वार्ता के दौरान हुई।
- 01अबू मूसा कश्मीरी ने पहलगाम हमले में अपनी भूमिका स्वीकार की।
- 02लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले को अमेरिका-ईरान वार्ता से जोड़ा।
- 03पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- 04आतंकी कमांडर ने शांति वार्ता का मजाक उड़ाया।
- 05इस्लामाबाद में वार्ता के दौरान आतंकी गतिविधियों का कबूलनामा सामने आया।
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लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आतंकी कमांडर अबू मूसा कश्मीरी ने पहलगाम हमले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उसने कहा कि यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के दौरान पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ। अबू मूसा ने इस्लामाबाद में 'शांति वार्ता' का मजाक उड़ाते हुए कहा कि यह घटना पाकिस्तान को वैश्विक नेता की भूमिका में लाने में सहायक रही है। उसने पहलगाम हमले को 'बयान-उल-मरसूस' से जोड़ा, जो कश्मीर से शुरू हुआ। यह कबूलनामा उस समय आया है जब पाकिस्तान में शांति वार्ता चल रही थी, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता वास्तव में आतंकवाद को बढ़ावा देने का परिणाम है।
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इस घटना से कश्मीर में सुरक्षा स्थिति और पाकिस्तान की आतंकवाद नीति पर सवाल उठ रहे हैं।
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