हरिवंश का मनोनीत सांसद बनने का सफर: क्या फिर बनेंगे उपसभापति?
क्या मनोनीत सांसद बने रहेंगे हरिवंश, या औपचारिक रूप से थामेंगे बीजेपी का दामन?
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वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश नारायण सिंह को राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। वे तीसरी बार राज्यसभा में शपथ ले चुके हैं, लेकिन यह देखना है कि क्या वे उपसभापति के रूप में फिर से चुने जाएंगे। इस बार विपक्ष भी अपने उम्मीदवार को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा है।
- 01हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा के लिए राष्ट्रपति ने मनोनीत किया।
- 02वे तीसरी बार राज्यसभा में शपथ ले चुके हैं।
- 03उपसभापति बनने के लिए कोई संवैधानिक रोक नहीं है।
- 04विपक्ष अपने उम्मीदवार को चुनाव में उतारने की योजना बना रहा है।
- 05हरिवंश का कार्यकाल 2032 तक चलेगा।
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वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश नारायण सिंह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। यह उनका तीसरा कार्यकाल है, जो वर्ष 2032 तक चलेगा। हरिवंश ने आज ही राज्यसभा में शपथ ली। वे पहले भी दो बार उपसभापति रह चुके हैं, लेकिन मनोनीत सांसद के रूप में उपसभापति बनने का प्रश्न उठता है। संविधान में इस पर कोई रोक नहीं है, और अनुच्छेद 89(2) के अनुसार, राज्यसभा को उपसभापति चुनने का अधिकार है। विपक्ष भी इस बार अपने उम्मीदवार को चुनाव में उतारने की तैयारी कर रहा है, जिससे हरिवंश का मुकाबला हो सकता है। यदि हरिवंश उपसभापति बनते हैं, तो यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
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यदि हरिवंश उपसभापति बनते हैं, तो यह राज्यसभा में उनके प्रभाव को बढ़ाएगा और विपक्ष के लिए चुनौती पेश करेगा।
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