सुप्रीम कोर्ट ने अडानी के प्लान पर रोक लगाने से किया इन्कार, वेदांता को झटका
वेदांता को झटका, सुप्रीम कोर्ट का जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए अडानी के प्लान पर रोक लगाने से इन्कार
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता की अडानी ग्रुप के रिजॉल्यूशन प्लान पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया। यह प्लान दिवालिया जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए ₹14,500 करोड़ का है। कोर्ट ने मामले की अंतिम सुनवाई एनसीएलएटी में 10 अप्रैल को तय की है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने अडानी ग्रुप के रिजॉल्यूशन प्लान पर रोक लगाने से किया इन्कार।
- 02वेदांता ने ₹16,726 करोड़ की बोली लगाई थी, जबकि अडानी की बोली ₹14,535 करोड़ थी।
- 03कोर्ट ने एनसीएलएटी को मामले की सुनवाई तेजी से करने का निर्देश दिया।
- 04बैंकों ने अडानी के प्लान को प्राथमिकता देने का कारण बताया कि इसमें अपफ्रंट कैश का प्रावधान था।
- 05वेदांता का पेमेंट शेड्यूल पांच साल का था, जिसे क्रेडिटर्स ने रिजेक्ट कर दिया।
Advertisement
In-Article Ad
नई दिल्ली में, सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता को एक बड़ा झटका देते हुए अडानी ग्रुप के रिजॉल्यूशन प्लान पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया। यह प्लान दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए है, जिसकी कुल लागत ₹14,500 करोड़ है। कोर्ट ने कहा कि मामले की अंतिम सुनवाई एनसीएलएटी में 10 अप्रैल को होगी। वेदांता ने इस प्रक्रिया को चुनौती दी थी, दावा करते हुए कि उसकी बोली ₹16,726 करोड़ की थी, जो अडानी की बोली से अधिक थी। हालांकि, अडानी के प्रस्ताव में ₹6,000 करोड़ का अपफ्रंट कैश शामिल था, जिससे उसे प्राथमिकता दी गई। बैंकों ने कहा कि अडानी का प्रस्ताव सभी नियमों का पालन करता है और इसके चयन में कई फैक्टर्स को ध्यान में रखा गया।
Advertisement
In-Article Ad
इस फैसले का असर वेदांता और अडानी ग्रुप के निवेशकों पर पड़ेगा, साथ ही दिवालिया जयप्रकाश एसोसिएट्स के कर्मचारियों और संबंधित पक्षों की स्थिति पर भी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि अडानी ग्रुप का प्रस्ताव सही था?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



