भारत की चिंता बढ़ी, अमेरिका-चीन के बीच पनामा नहर पर विवाद
एक और युद्ध, भारत की बढ़ी चिंता!...होर्मुज के बाद पनामा नहर पर भिड़े अमेरिका-चीन, कितना अहम है ये रास्ता
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
अमेरिका और चीन के बीच पनामा नहर को लेकर बढ़ते विवाद ने भारत की चिंताओं को बढ़ा दिया है। पनामा नहर, जो वैश्विक व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, भारत के लिए भी एक प्रमुख शॉर्टकट है। अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह पनामा के झंडे वाले जहाजों पर आर्थिक दबाव बना रहा है।
- 01पनामा नहर पर अमेरिका और चीन के बीच विवाद बढ़ रहा है।
- 02इस नहर का उपयोग भारत के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है।
- 03अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह पनामा के जहाजों को रोक रहा है।
- 04पनामा नहर से जहाजों को लंबी दूरी तय करने से बचने में मदद मिलती है।
- 05चीन ने पनामा में भारी निवेश किया है और वहां की बंदरगाहों पर नियंत्रण बढ़ाया है।
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अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पनामा नहर को लेकर अमेरिका और चीन के बीच विवाद गहरा गया है। पनामा नहर, जो लगभग 82 किलोमीटर लंबी है, विश्व के महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने आरोप लगाया है कि चीन पनामा के झंडे वाले जहाजों को अपने बंदरगाहों पर रोककर उन पर आर्थिक दबाव बना रहा है। इस विवाद से भारत की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि भारत के कई जहाज पनामा नहर का उपयोग करते हैं। पनामा नहर से भारत अमेरिका और प्रशांत क्षेत्रीय देशों के साथ व्यापार करता है, जिससे भारतीय जहाजों को लंबी दूरी तय करने से बचने में मदद मिलती है। पनामा नहर से हर साल लगभग 14,000 जहाज गुजरते हैं, जिनमें कई भारतीय जहाज शामिल होते हैं। चीन ने पनामा में अपने बंदरगाहों में भारी निवेश किया है और पनामा के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पनामा पोर्ट्स कंपनी के संचालन को असंवैधानिक घोषित किया। यह विवाद वैश्विक व्यापार पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
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यदि पनामा नहर पर विवाद बढ़ता है, तो इससे भारत के व्यापारिक मार्गों में बाधा आ सकती है, जिससे माल की लागत बढ़ सकती है।
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