रूस ने ईरान-अमेरिका वार्ता में मध्यस्थता की पेशकश की
रूस ने की ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पेशकश, पुतिन ने पेजेश्कियन से की बात

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पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की और मध्यस्थता की पेशकश की। यूरोपीय संघ और ऑस्ट्रेलिया ने भी कूटनीति के माध्यम से वार्ता को जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
- 01रूस ने ईरान-अमेरिका वार्ता में मध्यस्थता की पेशकश की।
- 02पाकिस्तान में वार्ता बेनतीजा रही, जिससे निराशा व्यक्त की गई।
- 03यूरोपीय संघ ने कूटनीति को प्राथमिकता देने का समर्थन किया।
- 04ऑस्ट्रेलिया ने युद्धविराम और बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया।
- 05पाकिस्तान ने वार्ता को बढ़ावा देने की अपनी भूमिका जारी रखने का आश्वासन दिया।
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पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता बेनतीजा रहने के बाद, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की और मध्यस्थता की पेशकश की। पुतिन ने कहा कि रूस मध्य पूर्व में शांति समझौते के लिए सहयोग जारी रखने के लिए तत्पर है। इस वार्ता में यूरोपीय संघ के प्रवक्ता ने कूटनीति को आवश्यक बताया और कहा कि वह अपने सहयोगियों के साथ समन्वय में समझौता करने के प्रयासों में योगदान देगा। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी वार्ता में असफलता पर निराशा व्यक्त की, जबकि ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने युद्धविराम और बातचीत को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी दोनों पक्षों से युद्धविराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखने का आग्रह किया।
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इस वार्ता की असफलता से मध्य पूर्व में शांति की संभावना प्रभावित हो सकती है, जिससे स्थानीय और वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ सकता है।
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