इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पूर्व चीनी नागरिक की नागरिकता विवाद पर केंद्र को निर्णय लेने का आदेश दिया
पूर्व चीनी नागरिक की भारतीय नागरिकता विवाद पर निर्णय लेने का आदेश
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इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि एक पूर्व चीनी नागरिक, च्यांग मे शेंग, द्वारा कथित धोखाधड़ी से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के मामले में चार सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए। कोर्ट ने निष्पक्ष जांच और समयबद्ध निर्णय की आवश्यकता पर जोर दिया है।
- 01इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्णय लेने का आदेश दिया।
- 02च्यांग मे शेंग पर भारतीय नागरिकता धोखे से प्राप्त करने का आरोप है।
- 03कोर्ट ने निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता पर जोर दिया।
- 04चार सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया।
- 05अगर साक्ष्य पर्याप्त नहीं मिले, तो आवेदन खारिज किया जा सकता है।
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इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि एक पूर्व चीनी नागरिक, च्यांग मे शेंग, द्वारा कथित तौर पर धोखे से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के मामले में चार सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश महाबोधि सोसायटी आफ इंडिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि च्यांग मे शेंग ने तथ्यों को छिपाकर और भ्रामक जानकारी देकर भारतीय नागरिकता हासिल की। कोर्ट ने कहा कि यदि शिकायत के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं, तो केंद्र सरकार को नियमानुसार मामले की जांच प्रारंभ करनी चाहिए। यदि पर्याप्त सामग्री नहीं मिलती है, तो सरकार को कारण स्पष्ट करते हुए आवेदन को खारिज करने का अधिकार है। कोर्ट ने ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और समयबद्ध निर्णय की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि नागरिकता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर पारदर्शिता बनी रहे।
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यह निर्णय नागरिकता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।
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