ओमान में भारतीय नाविक की मौत: परिवार ने शव लाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की
‘सम्मान से अंतिम संस्कार का हक’, जंग में बेटे का शव लाने में देरी पर परिवार कोर्ट पहुंचा

Image: aajtak
ओमान के पास एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमले में 25 वर्षीय भारतीय नाविक दिक्षित सोलंकी की मौत हो गई। परिवार ने उनके शव को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें अंतिम संस्कार का अधिकार मांगा गया है।
- 01दिक्षित सोलंकी की मौत ओमान में ड्रोन हमले में हुई।
- 02परिवार ने शव लाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
- 03परिवार को अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है।
- 04कोर्ट में सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।
- 05इजरायल-अमेरिका का ईरान पर हमले जारी हैं।
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4 मार्च को ओमान के पास एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमले में 25 वर्षीय भारतीय नाविक दिक्षित सोलंकी की मौत हो गई। वह महाराष्ट्र के निवासी थे और अपने परिवार के लिए काम करते थे। लगभग एक महीने बीत जाने के बाद भी उनका शव घर नहीं पहुंचा है, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई है। दिक्षित के पिता अमृतलाल और बहन मिताली ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उनके बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके। परिवार का कहना है कि उन्हें अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है और केवल एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का खेल चल रहा है। अब इस मामले की सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। इस बीच, इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले जारी हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है।
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परिवार को अपने प्रियजन का अंतिम संस्कार करने का अधिकार मिलना चाहिए, जो उनके लिए मानसिक शांति का कारण बनेगा।
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