कश्मीर के गुंडपोरा गांव ने वक्फ बोर्ड को सौंपा करोड़ों की संपत्ति
कश्मीर के गांव ने दिखाया बड़ा दिल, इंसानियत के लिए करोड़ों की संपत्ति कर दी वक्फ
Zee News
Image: Zee News
उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुंडपोरा गांव के निवासियों ने सामूहिक सहमति से लगभग 15 करोड़ रुपये की धार्मिक संपत्ति जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड को सौंप दी है। इस कदम का उद्देश्य दरगाह और उससे जुड़ी सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन और गरीबों की मदद करना है।
- 01गुंडपोरा गांव ने 15 करोड़ रुपये की संपत्ति वक्फ बोर्ड को सौंपी।
- 02इसमें हजरत सुल्तान-उल-आरिफीन दरगाह, स्कूल और दुकानें शामिल हैं।
- 03संपत्ति का ट्रांसफर जुमे की नमाज के बाद किया गया।
- 04वक्फ बोर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता और बेहतर सुविधाओं का आश्वासन दिया गया।
- 05यह पहल वक्फ अमेंडमेंट एक्ट-2025 के बीच एक सकारात्मक उदाहरण है।
Advertisement
In-Article Ad
उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुंडपोरा गांव के निवासियों ने सामूहिक सहमति से लगभग 15 करोड़ रुपये की संपत्ति, जिसमें हजरत सुल्तान-उल-आरिफीन दरगाह, एक स्कूल और 15 दुकानें शामिल हैं, जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड को सौंप दी। यह संपत्ति जुमे की नमाज के बाद औपचारिक रूप से ट्रांसफर की गई। पूर्व मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य दरगाह और उससे जुड़ी संपत्तियों का बेहतर रखरखाव और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया है और कहा कि दुकानों से होने वाली आय का सही रिकॉर्ड रखा जाएगा और इसका उपयोग दरगाह की देखरेख और सामाजिक कल्याण के कार्यों में किया जाएगा। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देशभर में कई मुस्लिम संगठन वक्फ अमेंडमेंट एक्ट-2025 को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, गुंडपोरा का यह मामला एक सकारात्मक उदाहरण पेश करता है, जहां स्थानीय लोगों ने अपनी धार्मिक संपत्ति को संस्थागत प्रबंधन के तहत देने का निर्णय लिया।
Advertisement
In-Article Ad
इस कदम से दरगाह की देखरेख और स्थानीय लोगों की सामाजिक कल्याण में सुधार होगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि अन्य गांवों को भी अपनी धार्मिक संपत्तियों को वक्फ बोर्ड को सौंपना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



