मध्य प्रदेश में शराब दुकानों की नीलामी में भारी गिरावट, 400 दुकानों की बिक्री में कमी
MP में शराब दुकानों का 'टोटका' फेल, 15 राउंड के बाद भी 400 दुकानें खाली, अब कौड़ियों के दाम पर नीलामी की तैयारी
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
मध्य प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों की नीलामी में सरकार को भारी नुकसान हो रहा है, जिसमें 400 से अधिक दुकानें खाली रह गई हैं। आबकारी विभाग ने बेस प्राइस में 35% की कटौती की है, लेकिन राजस्व लक्ष्य से ₹3,000 करोड़ की कमी बनी हुई है।
- 01400 से अधिक शराब दुकानों की नीलामी में कमी आई है।
- 02बेस प्राइस में 35% की कटौती की गई है।
- 03राजस्व लक्ष्य से ₹3,000 करोड़ की कमी।
- 04एक दुकान, एक खरीदार का नया नियम लागू किया गया है।
- 05सरकार ने पिछले साल के मुकाबले 20% बेस प्राइस बढ़ाया था।
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मध्य प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों की नीलामी में सरकार को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। आबकारी विभाग ने 400 से अधिक अनबिकी दुकानों के बेस प्राइस में 5% की अतिरिक्त कटौती की है, जिससे ये दुकाने अब 35% कम कीमत पर उपलब्ध हैं। यह निर्णय उस कैबिनेट उप-समिति के फैसले के खिलाफ है, जिसने पहले तय किया था कि कीमतें 30% से ज्यादा नहीं घटाई जाएंगी। राज्य सरकार ने इस वर्ष शराब की नीलामी से ₹19,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन बाजार की बेरुखी के कारण विभाग ₹3,000 करोड़ राजस्व लक्ष्य से पीछे चल रहा है। छोटे ठेकेदारों को लुभाने के लिए, विभाग ने 'एक दुकान, एक खरीदार' का नया नियम लागू किया है, जिससे पहले के ग्रुपिंग सिस्टम को समाप्त कर दिया गया है।
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इस नीलामी में कमी से राज्य सरकार के राजस्व में भारी गिरावट आएगी, जिससे विकास परियोजनाओं पर असर पड़ सकता है।
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