भारत के लिए बड़ी राहत: 'ग्रीन आशा' ने सुरक्षित पार किया होर्मुज
मिडिल ईस्ट संकट के बीच बड़ी राहत, ‘ग्रीन आशा’ ने सुरक्षित पार किया होर्मुज, 15400 टन LPG लेकर पहुंचा भारत
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि में, 'ग्रीन आशा' नामक भारतीय जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार करते हुए 15,400 टन LPG लेकर भारत पहुंचा। यह ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव के बीच पहली बार हुआ है कि कोई भारतीय जहाज इस मार्ग से सुरक्षित यात्रा पूरी कर सका।
- 01'ग्रीन आशा' ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार किया।
- 02यह जहाज 15,400 टन LPG लेकर भारत पहुंचा है।
- 03यह पहली बार है जब किसी भारतीय जहाज ने इस मार्ग से यात्रा की है।
- 04भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- 05इससे भारत की समुद्री सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स क्षमता पर भरोसा बढ़ा है।
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भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है जब 'ग्रीन आशा' नामक भारतीय ध्वज वाला जहाज 15,400 टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर सुरक्षित रूप से भारत पहुंचा। यह जहाज 5 अप्रैल 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया, जो कि वर्तमान में युद्ध के कारण एक संवेदनशील समुद्री मार्ग माना जा रहा है। पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। 'ग्रीन आशा' का सुरक्षित पहुंचना न केवल भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दर्शाता है कि वैश्विक तनाव के बीच भी भारत की सप्लाई चेन मजबूत और भरोसेमंद बनी हुई है।
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'ग्रीन आशा' की सुरक्षित वापसी से भारत की ऊर्जा आपूर्ति में सुधार होगा, जिससे घरेलू बाजार में LPG की उपलब्धता बढ़ेगी।
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