उत्तर प्रदेश में न्यूनतम सैलरी की नई घोषणा: जानें आपके अधिकार
सरकार ने तय की है इतने हजार न्यूनतम सैलरी, कोई कंपनी ना दे तो क्या करें?
Aaj Tak
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उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लिए नई न्यूनतम सैलरी निर्धारित की है, जिसमें नोएडा और गाजियाबाद के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। यदि कोई कंपनी न्यूनतम सैलरी से कम भुगतान करती है, तो कर्मचारी लेबर कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं।
- 01उत्तर प्रदेश में न्यूनतम सैलरी की नई दरें लागू की गई हैं।
- 02नोएडा और गाजियाबाद के लिए अलग-अलग सैलरी निर्धारित की गई है।
- 03अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों के लिए अलग-अलग सैलरी है।
- 04कंपनी द्वारा न्यूनतम सैलरी से कम भुगतान करने पर कर्मचारी कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
- 05लेबर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम सैलरी की नई दरें घोषित की हैं। नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों के लिए ₹13,690, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए ₹15,059 और कुशल श्रमिकों के लिए ₹16,868 रुपये निर्धारित किए गए हैं। यदि कोई कंपनी न्यूनतम सैलरी से कम भुगतान करती है, तो कर्मचारियों को लेबर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है। वकील प्रेम जोशी के अनुसार, यह एक क्वासी ज्यूडिशियल प्रक्रिया है जिसमें सुनवाई, गवाहों की पेशी और सबूतों की जांच की जाती है। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे जल्दी से जल्दी कानूनी कार्रवाई करें।
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यह निर्णय कर्मचारियों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने में मदद करेगा और कंपनियों को न्यूनतम सैलरी का पालन करने के लिए बाध्य करेगा।
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