पश्चिम एशिया संकट के चलते भारत का निर्यात मार्च में 7.44% घटा
पश्चिम एशिया संकट से निर्यात पर चोट: मार्च में 7.44% घटा एक्सपोर्ट; 5 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट
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मार्च 2024 में भारत का वस्तु निर्यात 7.44% घटकर 38.92 अरब डॉलर पर आ गया, जो पिछले 5 महीनों में सबसे बड़ी गिरावट है। आयात में भी 6.51% की कमी आई, जिससे व्यापार घाटा 20.67 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
- 01मार्च में निर्यात में 7.44% की गिरावट आई।
- 02आयात में 6.51% की कमी आई, जिससे व्यापार घाटा कम हुआ।
- 032025-26 में निर्यात 0.93% बढ़कर 441.78 अरब डॉलर पर पहुंचा।
- 04पश्चिम एशिया संकट के कारण निर्यात में बाधा आई।
- 05वाणिज्य सचिव ने निर्यात में 4.22% की वृद्धि का अनुमान लगाया।
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पश्चिम एशिया संकट के चलते भारत का वस्तु निर्यात मार्च 2024 में 7.44% घटकर 38.92 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले 5 महीनों में सबसे बड़ी गिरावट है। इसी दौरान, आयात में भी 6.51% की कमी आई, जिससे व्यापार घाटा 20.67 अरब डॉलर पर आ गया। कच्चे तेल और सोने के आयात में कमी के कारण कुल आयात 59.59 अरब डॉलर रहा। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात 0.93% बढ़कर 441.78 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारत हर महीने पश्चिम एशिया को 6 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं का निर्यात करता है, लेकिन अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण आपूर्ति में बाधा आई है। निर्यातकों की संस्था फियो के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निर्यात का आंकड़ा 860 अरब डॉलर पार करना भारतीय निर्यातकों की मजबूती को दर्शाता है।
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निर्यात में गिरावट से भारतीय निर्यातकों की आय प्रभावित हो सकती है, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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