महाराष्ट्र में सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाना अनिवार्य, उल्लंघन पर जुर्माना और मान्यता रद्द
महाराष्ट्र: सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाना जरूरी, आदेश नहीं माना तो मान्यता रद्द होगी, 1 लाख का जुर्माना लगेगा
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महाराष्ट्र सरकार ने सभी स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा तक मराठी पढ़ाना अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश का पालन न करने पर स्कूलों पर ₹1 लाख का जुर्माना और मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। यह नीति अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू होगी।
- 01महाराष्ट्र में सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाना अनिवार्य किया गया है।
- 02उल्लंघन करने पर स्कूलों पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।
- 03मराठी शिक्षकों की भर्ती अनिवार्य होगी।
- 04शिक्षा अधिकारियों में भी मराठी शिक्षकों को शामिल किया जाएगा।
- 05यह आदेश अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू होगा।
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महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा तक मराठी पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू होगा और सभी स्कूलों को इस नीति का पालन करना होगा। यदि कोई स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उस पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जा सकता है और उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है। आदेश के अनुसार, स्कूलों में मराठी भाषा पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षकों की भर्ती करनी होगी। इसके अलावा, शिक्षा अधिकारियों और निरीक्षण टीमों में भी मराठी शिक्षकों को शामिल किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नीति का पालन हो रहा है।
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इस आदेश से सभी स्कूलों को मराठी भाषा को प्राथमिकता देनी होगी, जिससे छात्रों की भाषा कौशल में सुधार होगा।
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