उत्तर प्रदेश में जनगणना के दौरान कर्मचारियों को विशेष श्रेणी में छूट की मांग
UP में सात से स्वगणना, कर्मचारियों की Census 2026 से विशेष श्रेणी को छूट देने की मांग
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उत्तर प्रदेश में 7 मई से स्वगणना शुरू होगी, जिसके बाद 22 मई से जनगणना होगी। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं और पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी से छूट देने की मांग की है।
- 01उत्तर प्रदेश में 7 मई से स्वगणना की शुरुआत होगी।
- 0222 मई से जनगणना की प्रक्रिया शुरू होगी।
- 03विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने कर्मचारियों के लिए छूट की मांग की है।
- 04इसमें दिव्यांग, गर्भवती महिलाएं और पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में शामिल हैं।
- 05मुख्यमंत्री से इस संबंध में आदेश जारी करने की अपील की गई है।
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उत्तर प्रदेश में 7 मई से स्वगणना शुरू होगी, जिसके बाद 22 मई से जनगणना की प्रक्रिया आरंभ होगी। इस कार्य में लगभग पांच लाख प्रगणक लगाए जाएंगे, जिनमें से अधिकांश शिक्षक होंगे। इस बीच, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मेडिकल अवकाश पर चल रहे, दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं और पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में होने की स्थिति में एक को ड्यूटी से छूट दी जाए। प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी और महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इस दौरान कर्मचारियों के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बीमार कर्मचारियों से ड्यूटी लेना अमानवीय है और गर्भवती महिलाओं के लिए यह जोखिमपूर्ण हो सकता है।
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यदि कर्मचारियों को छूट मिलती है, तो यह गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगों के लिए कार्यस्थल पर जोखिम को कम कर सकता है।
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