विजिंजम पोर्ट बना वैश्विक शिपिंग हब, शशि थरूर ने NDTV से की बातचीत
होर्मुज संकट में विझिंजम पोर्ट बना ग्लोबल, 100 से ज्यादा जहाजों ने मांगी इजाजत...NDTV से बोले शशि थरूर
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तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने NDTV को बताया कि होर्मुज संकट के कारण विझिंजम पोर्ट पर 100 से अधिक जहाजों ने डॉकिंग के लिए आवेदन किया है। अदाणी का यह पोर्ट तेजी से एक वैश्विक शिपिंग हब बन रहा है, जबकि ईरान के साथ तनाव बढ़ने से भारत को शांति वार्ता की जरूरत है।
- 01विजिंजम पोर्ट पर 100 से अधिक जहाजों ने डॉकिंग के लिए आवेदन किया है।
- 02पोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए फेज-2 एक्सपेंशन का काम शुरू हो चुका है।
- 03ईरान के साथ बढ़ते तनाव के कारण भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।
- 04शांति वार्ता की कमी से युद्ध की संभावना बढ़ गई है।
- 05भारत को इस संघर्ष में एक सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभाने की आवश्यकता है।
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तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने NDTV से बातचीत में बताया कि होर्मुज में बढ़ते तनाव का असर भारत के समुद्री कारोबार पर पड़ रहा है। विझिंजम पोर्ट पर 100 से अधिक जहाजों ने डॉकिंग के लिए आवेदन किया है, लेकिन सीमित स्थान के कारण 60 कार्गो शिप को मना करना पड़ा है। थरूर ने कहा कि यह अदाणी का पोर्ट है, जहां फेज-2 एक्सपेंशन का काम शुरू हो चुका है, जिससे अगले ढाई साल में अधिक जहाजों को संभालने की क्षमता विकसित हो सकेगी। उन्होंने ईरान के साथ बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि भारतीय जहाजों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है और शांति वार्ता की कमी से युद्ध की संभावना बढ़ गई है। थरूर ने भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देशों के नेताओं से बातचीत की है और भारत को इस संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
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विजिंजम पोर्ट का विस्तार भारत के समुद्री कारोबार को मजबूत करेगा और अधिक जहाजों को संभालने की क्षमता प्रदान करेगा।
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