दिग्विजय सिंह का गेहूं घोटाले पर बड़ा आरोप, EOW जांच की मांग
150 करोड़ का गेहूं घोटाला! दिग्विजय सिंह का बड़ा आरोप, CM को लिखा पत्र, EOW जांच की मांग
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में 150 करोड़ रुपये के गेहूं घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर EOW से जांच की मांग की है, जिसमें 40,000 टन गेहूं के खराब होने और सरकारी खजाने को हुए नुकसान का जिक्र है।
- 01दिग्विजय सिंह ने 150 करोड़ रुपये के गेहूं घोटाले का आरोप लगाया।
- 0240,000 टन गेहूं खराब हो गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।
- 03EOW से जांच की मांग की गई है।
- 04गोदामों में गेहूं को जान-बूझकर लंबे समय तक रखा गया।
- 05दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में एक बड़े अनाज घोटाले का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि सीहोर और रायसेन जिलों के निजी गोदामों में लगभग 40,000 टन गेहूं खराब हो गया है, जिसका मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपये है। दिग्विजय सिंह का आरोप है कि यह गेहूं जान-बूझकर 2017 से 2021 तक गोदामों में रखा गया, जिससे निजी गोदाम मालिकों को हर महीने किराया मिलता रहा। उन्होंने आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से इस मामले की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस घोटाले ने सरकारी खजाने को दो तरह से नुकसान पहुँचाया है - एक ओर गेहूं का बर्बाद होना और दूसरी ओर वेयरहाउसिंग के लिए 150 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च। उन्होंने आरोप लगाया कि गोदाम संचालकों, अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच मिलीभगत है।
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यह घोटाला सरकारी खजाने पर भारी पड़ रहा है, जिससे राज्य के विकास कार्यों और योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
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