अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए इस्लामाबाद में हुई बैठक, शर्तें बनीं प्रमुख मुद्दा
US-ईरान में आमने-सामने बैठकर होगी बात? इस्लामाबाद वार्ता पर आया बड़ा अपडेट
Aaj Tak
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अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता के लिए एकत्र हुए हैं। ईरान के लिए त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल होने की शर्तें हैं, जिनमें इजरायली हमलों का रुकना और फ्रीज संपत्तियों की रिहाई शामिल हैं।
- 01अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि इस्लामाबाद में वार्ता के लिए एकत्र हुए हैं।
- 02ईरानी प्रतिनिधियों में संसद के स्पीकर और विदेश मंत्री शामिल हैं।
- 03ईरान की प्रमुख शर्तें इजरायली हमलों का रुकना और फ्रीज संपत्तियों की रिहाई हैं।
- 04पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध हैं।
- 05त्रिपक्षीय वार्ता की शुरुआत ईरान की शर्तों के पूरा होने पर ही संभव है।
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अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े टकराव को समाप्त करने के लिए इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है। इस वार्ता में ईरान के प्रतिनिधियों में संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हैं, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य प्रमुख सदस्य शामिल हैं। ईरान ने त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल होने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें लेबनान में इजरायली हमलों का रुकना और ईरान की फ्रीज संपत्तियों की रिहाई शामिल हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस वार्ता में शामिल हैं और देश ने अमेरिका और ईरान दोनों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखे हैं, जिससे वह मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है। हालांकि, ईरान की शर्तें पूरी हुए बिना ठोस बातचीत की शुरुआत मुश्किल है।
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इस वार्ता से पाकिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने का अवसर है।
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