भारत ने WTO में चीन के IFD समझौते का किया विरोध, पीयूष गोयल ने दी प्रतिक्रिया
WTO में अकेला डटा रहा भारत: चीन के IFD समझौते को ठुकराया, पीयूष गोयल बोले- 'अच्छा दिखने के लिए भीड़ का...'
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भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) की बैठक में चीन समर्थित निवेश सुविधा समझौते का विरोध किया, जिसमें पीयूष गोयल ने कहा कि सही के लिए अकेले खड़ा रहना बेहतर है। भारत का यह रुख अन्य देशों के साथ संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालेगा।
- 01भारत ने WTO में चीन के IFD समझौते का विरोध किया।
- 02पीयूष गोयल ने सही के लिए अकेले खड़े रहने की बात कही।
- 03अन्य देशों ने भारत के रुख को समझा और सराहा।
- 04भारत ने ई-कॉमर्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख अपनाया।
- 05भारत स्थायी समाधान के लिए प्रयास करता रहेगा।
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नई दिल्ली में विश्व व्यापार संगठन (WTO) की 14वीं मंत्रीस्तरीय बैठक में भारत ने चीन समर्थित निवेश सुविधा समझौते (IFD) का विरोध किया। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सही के लिए अकेले खड़ा रहना बेहतर है, बजाय केवल दिखावे के लिए भीड़ का हिस्सा बनने के। भारत का यह रुख अन्य देशों के साथ संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालेगा, क्योंकि अधिकांश देशों ने भारत की बात को समझा और सराहा। गोयल ने यह भी कहा कि भारत ई-कॉमर्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट के मुद्दे पर संतुलित समाधान चाहता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिनेवा में होने वाली अगली बैठक में इन मुद्दों पर समाधान निकल सकता है। भारत स्थायी समाधान के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा।
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भारत का यह रुख वैश्विक व्यापार में उसकी स्थिति को मजबूत करेगा और निवेशकों के लिए स्पष्टता प्रदान करेगा।
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