जमशेदपुर में हाउसिंग बोर्ड की नीतियों से परेशान निवासियों ने किया विरोध
आशियाने की आस या खंडहरों का वनवास, हाउसिंग बोर्ड की दोहरी मार
Jagran
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जमशेदपुर के छोटागोविंदपुर में झारखंड राज्य हाउसिंग बोर्ड की नीतियों के खिलाफ निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। 1975 से रह रहे निवासियों को मालिकाना हक नहीं मिला है, जिससे उनकी स्थिति अनिश्चितता में है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
- 01निवासियों ने 1975 से रह रहे घरों का मालिकाना हक मांगा।
- 02हाउसिंग बोर्ड की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।
- 03ईडब्ल्यूएस और जनता फ्लैट्स के निवासियों पर बेदखली का खतरा है।
- 04कार्यपालक अभियंता ने शिविर लगाने का आश्वासन दिया।
- 05निवासियों ने संघर्ष की चेतावनी दी है यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं।
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जमशेदपुर के छोटागोविंदपुर में झारखंड राज्य हाउसिंग बोर्ड की नीतियों ने निवासियों के सपनों को खतरे में डाल दिया है। 1975 से निवास कर रहे लोगों को आज तक आवंटन और मालिकाना हक नहीं मिला है। सोमवार को, स्थानीय निवासियों ने कार्यपालक अभियंता इरशाद हुसैन को ज्ञापन सौंपकर नियमितीकरण और स्वामित्व की मांग की। 90 प्रतिशत घरों का आवंटन न होने के कारण लोग दशकों से अपनी फाइलें लिए भटक रहे हैं। ईडब्ल्यूएस और जनता फ्लैट्स के निवासियों को भी बेदखली का सामना करना पड़ रहा है। कार्यपालक अभियंता ने शिविर लगाने का आश्वासन दिया है, लेकिन निवासियों का आक्रोश कम नहीं हो रहा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
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यदि निवासियों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तो उन्हें बेदखली का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी जीवनशैली और स्थायित्व पर प्रभाव पड़ेगा।
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