पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने IVF के लिए 50 साल से अधिक उम्र की महिला को दी अनुमति
हाईकोर्ट ने खोला मातृत्व का रास्ता: कनाडा निवासी महिला को IVF जारी रखने की अनुमति, 50 से अधिक हो चुकी है उम्र
Amar Ujala
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कनाडा में रहने वाले एक दंपती को सहायक प्रजनन तकनीक (IVF) के माध्यम से दूसरा बच्चा पैदा करने की अनुमति दी है। अदालत ने 50 वर्ष से अधिक आयु की महिला को पहले से तैयार भ्रूण का उपयोग करने की अनुमति दी, जो छह वर्ष पहले बनाए गए थे।
- 01हाईकोर्ट ने 50 वर्ष से अधिक आयु की महिला को IVF प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी।
- 02भ्रूण छह वर्ष पहले तैयार किए गए थे, जब महिला आयु सीमा के भीतर थी।
- 03दंपती ने 2019 में IVF केंद्र से संपर्क किया था।
- 04अदालत ने कहा कि आयु सीमा के आधार पर इनकार नहीं किया जा सकता।
- 05महिला पूरी तरह स्वस्थ है और गर्भधारण में कोई गंभीर चिकित्सीय बाधा नहीं है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कनाडा निवासी एक दंपती को सहायक प्रजनन तकनीक (IVF) के जरिए दूसरा बच्चा पैदा करने की अनुमति दी है। जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ ने 50 वर्ष से अधिक आयु की महिला को पहले से तैयार भ्रूण का उपयोग करने की अनुमति दी। यह भ्रूण छह वर्ष पहले तब बनाए गए थे जब महिला की आयु 50 वर्ष से कम थी। दंपती ने 2019 में IVF केंद्र से संपर्क किया और चार भ्रूण तैयार किए गए, जिनमें से एक से एक बालिका का जन्म हुआ। बाद में महिला की आयु 50 वर्ष से अधिक हो गई, जिसके कारण संबंधित प्राधिकरणों ने आगे की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। दंपती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने कहा कि भ्रूण उस समय तैयार किए गए थे जब महिला आयु सीमा के भीतर थी। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद याचिका स्वीकार कर ली और दंपती को आवश्यक आश्वासन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
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यह फैसला उन दंपतियों के लिए आशा की किरण है जो उम्र के कारण IVF प्रक्रिया में बाधा का सामना कर रहे थे।
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