सीआरपीएफ जवान चंदन कुमार का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, बेटे ने दी मुखाग्नि
सुकमा से औरंगाबाद लाया गया CRPF जवान चंदन का पार्थिव शरीर, तीन साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, रो पड़े लोग!
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
छत्तीसगढ़ के सुकमा में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान चंदन कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बरिमल, औरंगाबाद, बिहार पहुंचा। अंतिम संस्कार के दौरान उनके तीन वर्षीय बेटे अंश ने पिता को मुखाग्नि दी, जिससे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। चंदन की मौत के कारणों पर अभी भी अस्पष्टता बनी हुई है।
- 01सीआरपीएफ जवान चंदन कुमार का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा।
- 02तीन वर्षीय बेटे अंश ने पिता को मुखाग्नि दी।
- 03गांव में शोक की लहर, हर आंख में आंसू।
- 04चंदन ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और सीआरपीएफ में भर्ती हुए।
- 05चंदन की मौत के कारणों पर अभी भी सवाल उठ रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
छत्तीसगढ़ के सुकमा से शहीद हुए सीआरपीएफ जवान चंदन कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बरिमल, औरंगाबाद, बिहार पहुंचा। जैसे ही शव गांव में लाया गया, पूरा गांव शोक में डूब गया। चंदन के तीन वर्षीय बेटे अंश ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, जिससे वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों में आंसू आ गए। चंदन कुमार ने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया और 2017 में सीआरपीएफ में भर्ती होकर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। 2019 में शादी के बाद वह खुशहाल जीवन जी रहे थे, लेकिन उनकी अचानक मौत ने परिवार को बिखेर दिया। चंदन की मौत के कारणों को लेकर परिवार और गांव के लोगों में कई सवाल उठ रहे हैं। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर चंदन के साथ क्या हुआ।
Advertisement
In-Article Ad
चंदन कुमार की मौत ने उनके परिवार और गांव में गहरा शोक पैदा किया है। यह घटना स्थानीय समुदाय के लिए एक बड़ा आघात है, विशेषकर चंदन के छोटे बच्चों के लिए जिन्होंने अब अपने पिता को खो दिया है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सरकार को शहीदों के परिवारों की अधिक सहायता करनी चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



