बिहार में किसानों के लिए हल्दी, अदरक और ओल की खेती को बढ़ावा देने की योजना
बिहार में अब ओल- हल्दी और अदरक से भरेगी किसानों की जेब, जलवायु जोखिम कम करने के लिए सरकार का मास्टरप्लान
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बिहार सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए हल्दी, अदरक और ओल जैसी उच्च-मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है। यह पहल जलवायु परिवर्तन के जोखिम को कम करते हुए किसानों की आय को स्थिर और सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखती है।
- 01बिहार सरकार ने उच्च-मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है।
- 02इस पहल का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को बेहतर आय के अवसर प्रदान करना है।
- 03हल्दी, अदरक और ओल जलवायु परिवर्तन के जोखिम को कम करने में मदद करेंगे।
- 04सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था विकसित कर रही है।
- 05महिलाओं और युवाओं के लिए कृषि-उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे।
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बिहार सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए हल्दी, अदरक और ओल जैसी उच्च-मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव के अनुसार, यह पहल किसानों को कम निवेश में बेहतर आय के अवसर उपलब्ध कराने के लिए है। इन फसलों की खेती से जलवायु परिवर्तन के जोखिम को कम किया जा सकेगा, जिससे किसानों की आय अधिक स्थिर और सुरक्षित बनेगी। सरकार उन्नत रोपण सामग्री, आधुनिक उत्पादन तकनीक, और प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए एक मजबूत व्यवस्था विकसित कर रही है। यह पहल विशेष रूप से गरीब परिवारों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं के लिए टिकाऊ आजीविका का माध्यम बनेगी। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे इन फसलों को अपनाकर योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और समृद्ध बिहार के निर्माण में योगदान दें।
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यह पहल छोटे और सीमांत किसानों को बेहतर आय के अवसर प्रदान करेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
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