ममता बनर्जी का भवानीपुर में नामांकन: चुनावी माहौल में जोश और चुनौतियाँ
कॉन्फिडेंट ममता, 'बंगाल की बेटी' का बदला लेने को आतुर जनता... नामांकन रैली से आंखों देखा हाल
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से नामांकन किया, जिसमें भारी भीड़ और जोश देखने को मिला। यह चुनाव उनके लिए व्यक्तिगत महत्व रखता है, क्योंकि वे बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से मुकाबला कर रही हैं। हालांकि, वोटर लिस्ट में विवाद और बीजेपी का आक्रामक अभियान चुनौतियाँ पेश कर रहा है।
- 01ममता बनर्जी का नामांकन भवानीपुर में हुआ, जो 2026 के चुनावों के लिए महत्वपूर्ण है।
- 02भीड़ में महिलाओं की बड़ी संख्या ने इस रैली को खास बनाया।
- 03बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ममता के मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं।
- 04वोटर लिस्ट में विवाद ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
- 05भवानीपुर में राजनीतिक स्थिति पूरी तरह एकतरफा नहीं है, बीजेपी का अभियान भी सक्रिय है।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भवानीपुर सीट से नामांकन किया, जिसमें दक्षिण कोलकाता की हरिश चटर्जी स्ट्रीट पर भारी भीड़ उमड़ी। इस बार का माहौल पहले से ज्यादा जोशीला था, खासकर महिलाओं की उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया। ममता ने पैदल चलकर समर्थकों के बीच पहुंचने का निर्णय लिया, जिससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस चुनाव में उनका सामना बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से है, जो पहले उनके करीबी सहयोगी रह चुके हैं। ममता के छोटे भाई ने शुभेंदु की जीत की संभावनाओं को खारिज किया। हालांकि, वोटर लिस्ट में विवाद ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है, जिसमें टीएमसी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने उनके वोटरों के नाम हटाने की साजिश की है। इस बीच, बीजेपी का घर-घर जाकर अभियान भी चल रहा है, जो उन वोटरों को निशाना बना रहा है जिनके नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं। भवानीपुर में ममता को हराना आसान नहीं है, लेकिन नंदीग्राम की हार के बाद दोनों पक्ष सतर्क हैं।
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यह चुनाव न केवल ममता बनर्जी की राजनीतिक भविष्यवाणी के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भवानीपुर के मतदाताओं के लिए भी निर्णायक हो सकता है।
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