चेन्नई के सरकारी डॉक्टर की सैलरी पर सोशल मीडिया पर बहस, प्राइवेट में कमाई का सुझाव
28 साल के अनुभव वाले सरकारी डॉक्टर की इनकम जान लोग हैरान, बोले- प्राइवेट में मिलते 3 गुना पैसे, पोस्ट वायरल
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चेन्नई के मद्रास मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. जैसन फिलिप ने 28 साल की सरकारी सेवा के बाद अपनी सैलरी स्लिप साझा की, जिसमें उनकी इन-हैंड सैलरी 1.3 लाख रुपये है। इस पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जहां कई उपयोगकर्ताओं ने प्राइवेट सेक्टर में जाने का सुझाव दिया है।
- 01डॉ. जैसन फिलिप की 28 साल की सरकारी सेवा के बाद सैलरी 1.3 लाख रुपये है।
- 02सोशल मीडिया पर उनकी सैलरी को कम बताया गया है।
- 03यूजर्स ने प्राइवेट सेक्टर में जाने का सुझाव दिया है।
- 04डॉ. सुधीर कुमार ने भी सरकारी सैलरी को असंतोषजनक बताया।
- 05डॉ. जैसन फिलिप प्राइवेट प्रैक्टिस शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
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चेन्नई, भारत के मद्रास मेडिकल कॉलेज में कार्यरत यूरोलॉजिस्ट डॉ. जैसन फिलिप ने अपनी सैलरी स्लिप साझा की, जिसमें उनकी 28 साल की सरकारी सेवा के बाद इन-हैंड सैलरी 1.3 लाख रुपये है। इस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई, जहां कई उपयोगकर्ताओं ने इसे बहुत कम बताया। कुछ ने सुझाव दिया कि उन्हें प्राइवेट सेक्टर में जाना चाहिए, जहां इसी अनुभव वाले डॉक्टर 2 से 5 लाख रुपये या उससे अधिक कमा सकते हैं। डॉ. सुधीर कुमार ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई और कहा कि सरकार उनके अनुभव के अनुसार उचित वेतन नहीं दे रही है। डॉ. जैसन फिलिप ने इस असंतोष के बाद प्राइवेट प्रैक्टिस शुरू करने की योजना बनाई है। यह मामला भारत में सरकारी और प्राइवेट डॉक्टरों के बीच वेतन के अंतर को उजागर करता है।
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यह मामला सरकारी डॉक्टरों की सैलरी और प्राइवेट सेक्टर में संभावित कमाई के बीच के अंतर को उजागर करता है।
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