सोनिया गांधी ने संसद सत्र पर उठाए सवाल, महिला आरक्षण और परिसीमन को बताया असली मुद्दा
'महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन असली मुद्दा', चुनाव के बीच संसद सत्र बुलाने पर सोनिया गांधी ने उठाए सवाल
Aaj Tak
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कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद का विशेष सत्र चुनावों के समय बुलाना राजनीतिक लाभ के लिए है और असली मुद्दा परिसीमन है, जो संविधान पर हमला है।
- 01सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
- 02उन्होंने संसद के विशेष सत्र को चुनावी समय में बुलाने की आलोचना की।
- 03महिला आरक्षण का लागू होना अगली जनगणना और परिसीमन के बाद ही संभव है।
- 04परिसीमन को राजनीतिक रूप से न्यायसंगत होना चाहिए, न कि केवल अंकगणितीय।
- 05सोनिया ने ओबीसी महिलाओं के लिए भी आरक्षण की मांग की।
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कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दों को लेकर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि संसद का विशेष सत्र ऐसे समय में बुलाया जा रहा है जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार चरम पर है, जिससे स्पष्ट होता है कि इसका उद्देश्य राजनीतिक लाभ उठाना है। सोनिया ने याद दिलाया कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में महिला आरक्षण अगली जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होने का प्रावधान है। उन्होंने सरकार के अचानक आर्टिकल 334-A में संशोधन करने पर सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री को यह यू-टर्न लेने में 30 महीने क्यों लगे। इसके अलावा, उन्होंने परिसीमन को संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि यह केवल अंकगणितीय नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से न्यायसंगत होना चाहिए। सोनिया ने ओबीसी महिलाओं के लिए भी आरक्षण की मांग की और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन बताया।
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सोनिया गांधी के सवालों से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार के निर्णयों का चुनावी राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
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