बिहार के छात्रों के लिए नई स्कॉलरशिप योजना, विदेश में पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार
बिहार के छात्रों के लिए खुशखबरी! विदेश में पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी सरकार, स्कॉलरशिप स्कीम में और भी बहुत कुछ
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बिहार के आर्थिक रूप से कमजोर और एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के लिए एक नई स्कॉलरशिप योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत हर साल 125 छात्रों को विदेश में मास्टर्स या पीएचडी की पढ़ाई के लिए सरकार द्वारा पूरी आर्थिक सहायता मिलेगी।
- 01बिहार में नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना लागू की गई है।
- 02हर साल 125 छात्रों का चयन किया जाएगा, जिसमें 30 सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित हैं।
- 03सरकार ट्यूशन फीस, मेंटेनेंस अलाउंस, वीजा फीस, मेडिकल बीमा और हवाई यात्रा का खर्च उठाएगी।
- 04आवेदन के लिए परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- 05छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौटना अनिवार्य होगा।
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बिहार के छात्रों के लिए एक नई राहत भरी खबर आई है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर और एससी-एसटी वर्ग के मेधावी छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया जाएगा। नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना के तहत हर साल 125 छात्रों का चयन किया जाएगा, जिसमें से 30 सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित हैं। चयनित छात्रों को मास्टर्स या पीएचडी की पढ़ाई के लिए सरकार द्वारा पूरी आर्थिक सहायता मिलेगी, जिसमें ट्यूशन फीस, मेंटेनेंस अलाउंस, वीजा फीस, मेडिकल बीमा और हवाई यात्रा का खर्च शामिल है। आवेदन करने के लिए, छात्रों की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और उनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, छात्रों को किसी मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से एडमिशन ऑफर होना अनिवार्य है। योजना के तहत पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों को 30 दिन के भीतर भारत लौटना होगा और कम से कम एक वर्ष तक देश में रहना अनिवार्य होगा।
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इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षा और करियर में सुधार होगा।
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