मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फीस घोटाले और डुप्लीकेट किताब मामले में याचिकाएं खारिज की
MP News: फीस घोटाले और डुप्लीकेट किताब मामले में हाईकोर्ट सख्त, स्कूल संचालकों व बुकसेलर्स की याचिकाएं खारिज
Amar Ujala
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मध्य प्रदेश के जबलपुर में हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों के फीस घोटाले और डुप्लीकेट आईएसबीएन नंबर वाली किताबों के मामले में स्कूल संचालकों और पुस्तक विक्रेताओं की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने पुलिस को जांच को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
- 01हाईकोर्ट ने फीस घोटाले और डुप्लीकेट किताबों के मामले में याचिकाएं खारिज की।
- 02अदालत ने पुलिस को जांच जल्द पूरी करने का निर्देश दिया।
- 03स्कूल संचालकों और बुकसेलर्स ने एफआईआर रद्द करने की मांग की थी।
- 04जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों की जांच ट्रायल कोर्ट के पास होगी।
- 05कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई को जमानत मिल चुकी है।
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मध्य प्रदेश के जबलपुर में हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों से जुड़े फीस घोटाले और डुप्लीकेट आईएसबीएन नंबर वाली किताबों के मामले में स्कूल संचालकों, प्राचार्यों और पुस्तक विक्रेताओं की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। जस्टिस बीपी शर्मा की एकलपीठ ने कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों की जांच का अधिकार ट्रायल कोर्ट के पास है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में एफआईआर रद्द करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि लंबित जांच को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। यह मामला तब सामने आया जब एक कमेटी ने निजी स्कूलों में बिना अनुमति फीस बढ़ाने और छात्रों को डुप्लीकेट आईएसबीएन नंबर वाली किताबें बेचने की जांच की। कई स्कूलों के प्राचार्य और पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
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इस निर्णय का असर निजी स्कूलों के प्रबंधन पर पड़ेगा, जिससे उन्हें फीस वृद्धि और किताबों की बिक्री के नियमों का पालन करना होगा।
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